मधुबनी खुटौना से संतोष कुमार मंडल बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की परवरिश में आम भूमिका माता-पिता की होती है बच्चो के पालन पोषण में माता-पिता की मेहनत दिखती है। माता-पिता बच्चो को एक कच्चे लकड़ी की तरह अनुरूप दे सकते है और उन्हें खेल खेल में पढ़ा सकते है अगर हर माँ-बाप ऐसा करे तो बच्चो को अलग से ट्यूशन की जरुरत नहीं पड़ेगी। बच्चो को हर गुण सीखाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि अगर बच्चा बहार भी रहे तो अपना निर्वाह कर सके। पिता को बच्चो की रूचि सुविचार की तरफ आकृष्ठ करनी चाहिए
