दरभंगा से महेश कुमार बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की भूर्ण हत्या में कुछ हद तक सुधार आई है जबकि पिछड़े इलाको में अब भी उसी दशा में है। इन्होने कहा कुछ गाँव आज भी ऐसे है जहाँ माँ -बाप लड़के को तो अच्छी पढाई के लिए बाहर अच्छे स्कूलों में भेजते है वहीं लड़कियों को गाँव के किसी सरकारी स्कूल में पढ़ाते है और तो और उस से घर के काम भी करवाते है। इन्होने कहा पहले पढ़े लिखे परिवारो में भी यह भेद-भाव देखने को मिलता था परन्तु आज पहले की अपेक्षा लोग इसके प्रति जागरूक हो रहे है