श्रीकांत लाल देव,दरभंगा से बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाह रहे है की आज हमारे दिवस का साक्षर दिवस है और 15-20 साल पहले हमारे भारतवर्ष में बहुत ही व्यक्ति निरक्षर थे यानि 50% से अधिक लोग अंपढ़ थे।12 वर्ष पहले सरकार के द्वारा एक अभियान चलाया गया था जिसमे जो साक्षर व्यक्ति थे तो उस समय हर गांव में एक महिला तथा पुरुष को साक्षर किया गया था तथा जो साक्षर महिला थी वह निरक्षर महिला को शिक्षित करती थी तथा इसी प्रकार पुरुष द्वारा भी किया जाता था.अभी कुछ सालो से हमारे देश में शिक्षा का महत्व बढ़ गया है.इनका कहना है की 98% लोग है जो अभी शिक्षित है तथा इसी से यह अनुमान लगाया जा सकता है की हमारा देश शिक्षा के मामले में कितना वृद्धि किया है।