मधुबनी:सरोज कुमार कांति क्लब मधुबनी से 'बोले दिल की बात' कार्यक्रम के माध्यम से कहते है कि आज लोग अपने निजी जीवन इतने व्यस्त हो गए हैं कि शेर-ओ-शायरी और कविता, कहानी जैसे मनोरजन के चीजों पर ध्यान ही नहीं दे पा रहे हैं। यही वजह है कि आज धीरे-धीरे शेर-ओ-शायरी और कविता का महत्व घटता जा रहा है।