बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि पर्याप्त संभावनाओं के बावजूद बिहार पिछड़ा है। यह ऐतिहासिक राज्य सभ्यता, संस्कृति और विकास का एक साथ परिचायक है। बिहारियों की प्रतिभा का लाभ लेने की जरुरत है। यह बातें सोमवार को कचहरी रोड स्थित ऑडिटोरियम में सोमवार को आयोजित विभा मंच से संबंधित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद राजीव प्रताप रुडी ने कही। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जूता उत्पादक देश होने के बावजूद उत्पादन के मामले में बिहार शून्य क्यों है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से करीब 3 लाख 36 हजार करोड़ रुपया बिहार में आता है। इसका उपयोग कहां होता है इसके बारे में जानना जरुरी है। चंपारण का क्षेत्र कई मामलों में प्रसिद्ध है। योजनाओं के साथ चंपारण में प्रगति दिखने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका नाम होगा। बिहार के पलायन को रोकना होगा। साथ ही विकास की सभी संभावनाओं को बिहार में दिखाना होगा। तभी यहां विकास होगा।