देश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है जिसके लिये अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा अपने-अपने स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा हैं। इसी दिशा में सरकार द्वारा गौ पालकों की आय में इजाफ़ा करने के लिये गोधन न्याय योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रदेश के गौ पालकों से गौमूत्र और गाय का गोबर खरीदा जा रहा है। इस योजना में अब सरकार ने देश की सीमेंट निर्माता कंपनी श्री सीमेंट के साथ गोबर की खरीद को लेकर करार किया है।इस करार के बाद अब आने वाले समय में अब सीमेंट कंपनी कोयले की बजाय गोबर का इस्तेमाल करेगी। सरकार की तरफ से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है. हर दिन की जाएगी 10 मीट्रिक टन गोबर की खरीद सरकार एवं सीमेंट निर्माता कंपनी के बीच हुई डील का लाभ प्रदेश के गौ पालकों को मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री सीमेंट कंपनी ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोयले की बजाय अब हर दिन 10 मीट्रिक टन गोबर खरीदेगी। श्रीसीमेंट कंपनी सीमेंट बनाने में भट्ठियों में अब कोयले की बजाय गोबर को जलाएगी। इससे एक तरफ़ जहां कोयले की ख़रीद में होने वाला खर्च घटेगा तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के किसानों व गौ पालकों की भी आमदनी बढ़ेगी।
