बिहार राज्य में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को अब पैसे की बजाय किताबें मिलेंगी। विभाग ने 17 अप्रैल तक सभी बच्चों तक किताबें पहुंचाने की प्रक्रिया आरम्भ कर दिया है। जिले के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 17 अप्रैल तक किताबें मिल जाएंगी। सरकार एक बार फिर से खाते में राशि भेजने की बजाय कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को किताबें देगी। पहले प्रारंभिक स्कूलों के बच्चों को किताब खरीदने के लिए खाते में राशि दी जाती थी। कई जगहों से शिकायत आ रही थी राशि मिलने के बाद भी बच्चे बिना किताब के स्कूल आ रहे हैं। जांच में सामने आया कि बच्चे राशि तो निकाल लेते हैं लेकिन किताब खरीदने की जगह उस रुपए का इस्तेमाल किसी और कार्य में करते हैं। इसी वजह से सरकार ने राशि देने के बजाय अब फिर से किताब देने का फैसला लिया है। सभी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 17 अप्रैल 2023 तक किताबें मिल जाएंगी।  पहले मिलते थे इतने रुपए: वर्ष 2018 से 2022 तक बच्चों को किताब खरीदने के लिए पैसे दिए जाते थे। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को किताब खरीदने के लिए राशि दी जाती है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत पुस्तक मद में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि देती है। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों लिए को 250 और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 400 रुपए की दर से किताब खरीदने के लिए राशि दी जाती थी।