मनरेगा योजना में सामग्री आपूर्ति कर रिटर्न दाखिल करने में टर्न ओवर छिपाना 112 सप्लायर को महंगा पड़ा। इनलोगों के द्वारा वर्ष 2019-20 व 2021-22 में दाखिल किये गये रिटर्न में कम जीएसटी भुगतान करने का मामला पकड़ाया है। वाणिज्य कर विभाग ने उक्त सभी सप्लायर पर 1.22 करोड़ जीएसटी बकाया चार्ज करते हुए वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। विभागीय सख्ती का नतीजा है कि अबतक 10 आपूर्तिकर्ताओं ने करीब 8 लाख जीएसटी मद में जमा कराया है। अन्य आपूर्तिकताओं को आगामी 25 मार्च तक बकाया जीएसटी जमा कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। जो आपूर्तिकर्ता उक्त तिथि तक बकाया जीएसटी नहीं जमा कराएंगे उनके विरूद्ध कुल बकाया टैक्स पर पेनाल्टी लगाते हुए राशि वसूली की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है मनरेगा योजना में कराये गये विभिन्न कार्यों के लिए उक्त आपूर्तिकर्ताओं के द्वारा सामग्री की आपूर्ति की गयी है। लेकिन वाणिज्य कर विभाग को दिये जानेवाले जीएसटी में सलाना टर्न ओवर कम करके दिखाया है। जो विभाग के द्वारा विवरणी जांच में मामला पकड़ाया है। इसको लेकर विभाग ने गंभीरता से लेते हुए जीएसटी वसूली की कार्रवाई शुरू की है।