जिले में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्यान विभाग ने कवायद शुरू की है। मधुमक्खी पालन से जीविका सहित अन्य किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर अनुदान की व्यवस्था की गयी है। लिहाजा विगत कई साल से हो रहे शहद उत्पादन का सलाना आंकड़ा करीब दो हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। जिससे शहद उत्पादन से मधुमक्खी पालन में मिठास बढ़ने लगी है। जिले के मेहसी, मधुबन,मोतिहारी,चकिया आदि प्रखंडों में शहद उत्पादन के प्रति लोगों में अधिक रूझान देखा जा रहा है। इन प्रखंडों में लीची के बाग अधिक होने से मधुमक्खी पालन करना लाभ का जरिया बना है। प्रति मधुमक्खी बॉक्स से एक सीजन में 40 किलो शहद का उत्पादन रबी मौसम में सरसों के फूल से रस लेकर मुधमक्खियां शहद तैयार करती हैं। इसके बाद लीची पर मंजर आने पर शहद उत्पादन के लिए मधुमक्खी बॉक्स बाग में लगाया जाता है। एक सीजन में एक मधुमक्खी बॉक्स से करीब 40 किलो तक शहद का उत्पादन प्राप्त होता है। दस बॉक्स में मधुमक्खी पालन से एक सीजन में पांच हजार रुपये तक शहद उत्पादन से कमाई होती है। प्रति बॉक्स दो हजार रुपये तक एक सीजन में कमाई हो रहा है।