संतोष कुमार मंडल,मधुबनी खुटौना से बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाह रहे है की बेटी को बोझ नहीं समझना चाहए परन्तु जब बेटी का जन्म होता है तो उसके परिवार वाले दहेज़ के बारे में सोचते है की इतनी मोटी रकम कहा से लाएंगे इसको सोचते ही बेटी बड़ी हो जाती है.अगर बेटी को उच्य शिक्षा दिया जाए तो बेटी समाज तथा देश के लिए बहुत कुछ कर सकती है.
