मधुबनी:शिवशंकर मंडल बिहार मोबाइल वाणी के जानकारी देना चाह रहे है कि मधुबनी जिले के लगभग 80% एक्सकेस बोरिंग ख़राब हो चुकी है।इस कारण जरूरत पड़ने पर भी किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है।इस कारण किसानो को सब्जिओं की सिचाई में दिक्कत होती है। इसके कारण किसानों को नुक्सान उठाना पड़ रहा है। सरकार द्वारा इतना खर्च करने पर भी किसानो को सुविधा नहीं मिल पाती है।10-15 सालो से किसान नल कूप से पानी निकलने की राह देख रहे है।मधेपुरा प्रखंड में दर्जनो नलकूप व जयनगर,खजौली,बाबूबरही,खुटौना,फुलपरहा आदि लगभग जिले के सभी प्रखंडो में एक्ससेस्स बोरिंग ख़राब हो चुकी है।किसी का मोटर ख़राब है तो कहीं बिजली की असुविधा है।किसानो का स्वर्णिम भविष्य इन लोगों के हाथो में है।इसके जवाबदेह है यहाँ के भ्रष्ट सिचाई अधिकारी जो काम नहीं करते है पंप सेट को देखने नहीं जाते है। वे वेतन के लायक नहीं है।ऐसे अधिकारिओं के ऊपर सरकार को करवाई करनी चाहिए।

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मधुबनी:राजवीर सिंह बिहार मोबाइल वाणी के जानकारी देना चाह रहे है कि कृषि प्रधान देश में जहाँ खेती नहीं होगी वहाँ किस चीज़ कि प्रधानता होगी।यह सही बात है की बोर से पानी नहीं निकल रहा है। अगर किसानो को पानी नहीं मिलेगा तो सिचाई नहीं होगी ?तो यह देश कैसे कृषी प्रधान देश बन सकता है। कृषी प्रधान देश कहने से नहीं होता है करने से होता है।सरकार से आग्रह है की सिचाई की व्यस्था करें।
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May 27, 2014, 11:36 a.m. | Location: 137: BR | Tags: grievance   irrigation   PRI   governance   labour   farmer   agriculture   | Category: Govt Schemes->PRI->Functionaries