मधुबनी:पारस कुमार बिहार मोबाइल वाणी में यह सन्देश दे रहे है की उनके गाँव में बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को भरी परेशानियाँ है. आज़ादी के 62 वर्षों के बाद भी ग्रामीणों की यही दशा है।गाँव की बिजलीकरण की एक बार पहल की गई थी।लेकिन ग्रामीण राजनीती और बिजली विभाग के कारण बिजलीकरन होते होते रह गया। ग्रामीणों को बाहरी लोगों से संपर्क बनाने से वंचित होना पड़ता है।वही गर्मी के मौसम में पंखे की हवा खाना एक सपना बन गया है। इसलिए बिजली आधिकारी ईआ ओर कृपया ध्यान दे।