संतोष कुमार,मधुबनी से बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाह रहे है की महिला आरक्षण होना चाहए परन्तु वह जाति धर्म आरक्षण नहीं होना चाहए।महिला आरक्षण में शिक्षा का अहम् स्थान होना चाहए ताकि महिला अपने अधिकार को अच्छी तरह समझ सके और समाज,गाँव तथा देश का विकास करे।उनका कहना है की कितने समय बाद महिला को मुख्या पद मिला परन्तु मुख्या बनने के बावजूद महिला का कार्य उनके पति तथा देवर सँभालते है परन्तु इसका कारण है शिक्षा का आभास।शिक्षा के कमी के कारण अपना काम नहीं कर पाती है।महिला तथा पुरुष दोनो सामान है और महिला आरक्षण में जातिवाद गलत है।
