रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है। इस पावन पर्व को श्रावण मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। आज के दिन पूरे भारत में बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधेगी । और भाई बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देगे ।इस त्योहार का मान्यता है कि राजसूर्य यज्ञ के समय द्रौपदी जी ने भगवान श्रीकृष्ण जी को रक्षासूत्र के रूप में अपने आंचल का टुकडा बांधा था। इसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरु हो गई। यह त्योहार भाई और बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। रक्षाबंधन का शाब्दिक अर्थ है ‘रक्षा का बंधन’ । इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहन को जीवन में आने वाली हर परेशानी से बचाने का वादा करता है । इस बार यह त्योहार स्वतंत्रता दिवस के दिन ही मनाया जाएगा। इस साल स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन एक साथ मनाए जाएंगे। राखी को लेकर माना जाता है कि रक्षासूत्र तीन धागों का होना चाहिए। जिसमें लाल पीला और सफ़ेद रंग होना चाहिए। अगर तीन रंग का रक्षा सूत्र नहीं है तो लाल और पीले रंग को भी शुभ माना जाता है। वहीँ कहा जाता है कि रक्षासूत्र में चन्दन लगा हो तो बेहद शुभ होगा। मजबूरी के चलते कुछ न होने पर कलावा भी श्रद्धा पूर्वक बांध सकते हैं।
