जिला मधुबनी से शिवशंकर प्रसाद ने बिहार मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि खुसवां प्रखंड कि इंडो नेपाल सीमा के ठीक पास का ललमनिया गाव आजादी के साठ वर्ष बाद भी रोजमर्रा के कई सुविधाओ से वंचित है,यह गाव इंडो नेपाल सीमा से 150 मीटर कि दुरी पर है यंहा ग्रामीणो को बिजली अस्पताल और टेलीफोन जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है,सड़क के नाम पर प्रखंड मुख्यालय आने के लिए एक प्रधानमत्री सड़क योजना द्वारा बनाई गई सड़क है जो कई गजह छतिग्रस्त है,मोबाईल फोन ठीक से काम नहीं करता और लैंडलाइन है ही नहीं,अस्प्ताल के नाम पर से सरकारी स्वातकेंद्र है जिसमे कभी कोई डॉक्टर नहीं रहते,पहले एक एएमएम रहती थी और कभी कभी दवाए मिलती थी लेकिन उसका स्थानातरण हो जाने के बाद अब वंहा किसी का कोई अता पता नहीं है,ग्रामीणो का कहना है कि सीमावर्ती गाव होने के कारण ये लोग इसी तरह वंचित रहे है,अभी तक किसी तरह अपना समय व्यतीत कर रहे हैं ग्रामीणो में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
