आल इंडिया अन्गंवाड्डी कर्मचारी यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिनका नाम चिंतामणि मंडल बता रहे है की झारखण्ड की अन्गंवाड्डी सेविकाए, आयुक्त को एक मेमोरेंडम दिया जिसमे हजारो की संख्या में अन्गंवाड्डी सेविकाए उपस्थित हुई और उनकी मांग है की सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्ज़ा सरकार दे। दूसरा उनकी मांग है की सरकार उन्हें शिशिका का पद दे क्यूँकी सरकार अन्गंवाड्डी को नर्सरी स्कूल का दर्जा दिया है। तो सरकार उन्हें शिशिका का पद प्रदान करे और एक शिशिका को जिस तरह का वेतन भत्ता मिलता है वैसा सरकार उन्हें भी दे।तीसरा उनकी मांग है की जिस तरह अन्य राज्यो में सेविकाओं को 15000 रूपए का मनोदय,3 लाख रूपए की ग्रेचुटी मिलई है,2000 रूपए पेंशन साल में 200 रूपए का इन्क्रीमेंट और छुट्टी भी मिलता है। इनकी मांग है सरकार इनकी उपर्युक्त मांगो को अतिशीघ्र पूरी करे। इनकी मांग है की ICDS को ठेकेदार प्रथा से दूर रखा जाए कुंकी अगर यह ठेकेदारी प्रथा में चला जाएगा तो ICDS अपने मूल उद्देश्य से भटक जाएगा। उनकी मांग हैं की महिला पर्यविक्षिका का जो रिक्त पद निकला है ,जिसका नंबर 313 है उसे रद्द किया जाए क्यूँकी इसमें अनिमियतता है। कोई भी राज्य में बाहरी लोगो को आवेदन भरने की अनुमति नहीं है,जबकि झारखण्ड सरकार पुरे भारत के लोगो को पद के लिए आमंत्रित करती है। सरकार झारखण्ड के साथ अन्याय कर रहा है।
