जमुई जिले के सभी सरकारी विद्यालयों पर धान कटनी का असर देखने को मिल रहा है क्योंकि धान कटनी के कारण बच्चों के माता-पिता सुबह से ही अपने खेतों में काम करते हैं और घर की लड़कियां माता-पिता एवं मजदूरों के लिए खाना बनाकर ले जाती है जबकि घर के लड़के अपने मवेशी को खोलकर चराने के लिए चले जाते हैं जिसके कारण लड़के और लड़कियां विद्यालय नहीं जा पा रही है जबकि शिक्षक खुद बच्चों को बुलाने के लिए गांव की ओर निकल रहे हैं फिर भी बच्चे सरकारी विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं उनका मुख्य उद्देश्य है अपने कामों को देखना और अभिभावक भी इस पर कुछ नहीं बोलते हैं जिसके कारण बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं
