ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, छठ पर्व में छठी माता के साथ सूर्य देव की पूजा की जाती है। ऐसे में छठी माता को ठेकुआ विशेष प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। क्योंकि छठी माता को ठेकुआ बेहद ही प्रिय है। मान्यता है कि छठ पर्व ठेकुआ के बिना अधूरा माना जाता है, क्योंकि ठेकुआ छठ पर्व का विशेष प्रसाद है। छठ में ठेकुआ मिट्टी से बने चूल्हे और आम की लकड़ी की व्यवस्था करनी होती है। साथ ही गेहूं के आटे, गुड़ और सूजी का भी व्यवस्था करना होता है। ठेकुआ को छठ पर्व का विशेष पकवान कहा जाता है। ठेकुआ के आकार-प्रकार और रंग की बात करें तो यह बहुत हद तक सूर्य देव जैसा दिखता है। जिसके कारण ठेकुआ को सूर्य भगवान का प्रतीक भी माना गया जाता है।