इन दिनों दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिद्धौर में अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग वाली कहावत पूरी तरह से फिट है। यहां जो चल रहा है उससे प्रबंधन को कोई सरोकार नहीं है, इसका फायदा उठाकर फार्मासिस्ट दवा वितरण कार्य छोड़कर अन्य दूसरा काम कर रहे हैं। उनकी जगह अप्रशिक्षित छात्र पर्चा सही तरीके से पढ़े बिना दवाएं बांटकर मरीजों की जीवन से खिलवाड़ करने पर तुले हैं। दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार से शनिवार तक सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अस्पताल में दवा वितरण केंद्र खुलता है। यहां पर जो दवा वितरण काउंटर बनाए गए हैं, मगर ये सच्चाई चौंकाने वाली है कि इनसे मरीजों को बाह्य ओपीडी के ड्यूटी डाक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के स्थान पर अन्य तरह दवाएं थमाई जा रही हैं। सुबह अधिक भीड़ होने पर नर्सिंग कालेज की छात्र काउंटर पर बैठकर दवाओं का वितरण करता है। इससे जाहिर है यदि फार्मासिस्ट के स्थान पर नर्सिंग कॉलेज के छात्र दवाओं का वितरण करेंगे तो मरीजों को दूसरे मर्ज की दवाएं तो मिलेंगी ही। दरअसल दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट तो नियुक्त है पर में वे दूसरे कामों में लगे रहते हैं। दवा काउंटर पर छात्र जिनमें पर्चे पर लिखी गई दवा की बजाय मरीजों को कोई दूसरी दवा थमाई जाती है । यह लापरवाही मरीज के जीवन पर भारी पड़ सकती है, मगर प्रबंधन इससे बेपरवाह है।