दिल्ली से राजेश कुमार पाठक ने श्रमिक वाणी के माध्यम से बताया कि आज के समय में समाज में मानसिक तनाव से ग्रसित व्यक्तिओं की संख्या बहुत बढ़ गई है।इसका मुख्य कारण है एकल परिवार की शुरुआत।पुराने जमाने में संयुक्त परिवार का प्रचलन था और दादा - दादी,चाचा-चाची सहित तमाम भरा पूरा परिवार हुआ करता था। परिवार में सब एक साथ भोजन करते थे और आपस में दिल खोल कर बातचीत होती थी।जब से हमने एकल जिंदगी और इलेक्ट्रानिक दुनियाँ में प्रवेश किया है,तब से किसी को एक दूसरे से कोई मतलब नही रह गया है।बच्चे भी बहुत स्वार्थी हो गए हैं।मोबाइल के साथ खुद को कमरे में बंद रखते हैं।
