विदिशा, महाराष्ट्र से वी० के० पटेल साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि दिव्यांगों, विशेषतया दृष्टिबाधित व्यक्तीयों के लिए उनकी संख्या के अनुसार न तो कोई सुविधा है, न ही कोई विद्यालय। इसके लिए सभी को मिलकर कुछ सोचना चाहिए।