रफ़ी जी साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उद्योग विहार फेज-5 के कंपनी में एक ही रात में 145 लोग को नौकरी से निकल दिया गया और निकाले गए लग अपने हक़ और नौकरी के लिए लड़ाई कर रहे है।इसी विषय पर रफ़ी जी ने यूनियन के सचिव गजेंद्र सिंह जी से बातचीत की। बातचीत के दौरान गजेंद्र जी ने बताया कि ये जिस प्लांट में काम करते है वो 1997 ई. में शुरू हुआ है।और इसी प्लांट के मालिक ने इसी प्लांट के जरिये तरक्की करके पांच-छः प्लांट खड़े कर दिए है। प्लांट में ऐसे-ऐसे लोग है जो इस प्लांट के मालिक के साथ शुरू से ही काम कर रहे है और आज उनकी उम्र जिस कगार पर है उस हिसाब से वे यहाँ के अलावे और कही काम नहीं कर सकते है।ये लोग 40 दिन से कंपनी के आगे धरना प्रदर्शन कर रहे है और आज उनलोगों के जेब में खाने के लिए पैसे भी नहीं है।मैनेजमेंट ने इस कंपनी को पहले से ही अपने टारगेट में रखा हुआ है क्योंकि इस कंपनी में सारे पुराने लोग है कोई 2 साल तो कोई 5 साल में रिटायर होने वाला है । और इन लोगो का जो सेटलमेंट था वो 22 महीने पहले से ही देर से चल रहा था और इनका जो मांग पत्र है वो इनके सर के पास ही पड़ा हुआ है।सेटलमेंट में इनकी मुख्य मांगे ये थी की इनकी सैलरी पैकेज तीन साल में बढ़ना चाहिए लेकिन मालिक ने ये कह दिया की कंपनी घाटे में चल रही है।हालांकि मालिक सिर्फ एक बहाना बना रहा है क्योंकि ये कम्पनी घाटे में कभी नहीं है।इसी प्लांट की बदौलत मालिक ने कई सारे प्लांट खोले है। और जब भी ये लोग मालिक को बोलते है की मदर प्लांट के साथ के साथ अपने ऐसा क्यों किया ?तो मालिक का कहना है की कोई भी मदर प्लांट नहीं है।और ये बात इनलोगो ने लेबर डिपार्टमेंट में उठाई थी लेकिन इन्हे यही जवाब मिला की कोई मदर प्लांट नहीं है।और सरेआम गुंडागर्दी और झूठ बोलै जाता है।आज आज इनलोगों की स्थिति ऐसी हो गई की ये रोड़ पर आ गए है।इसकी शिकायत इनलोगों ने श्रम विभाग में की है