दिल्ली एनसीआर के उद्योग विहार से हमारे संवाददाता नन्द किशोर ने साझा मंच के माध्यम से बताया कि अब श्रमिक राशन के लिए भी हो रहे हैं प्रताड़ित हो रहे है। देश के कोने कोने से आये सभी श्रमिक दिल्ली और उसके आस-पास के इलाको में रहते है। वे श्रमिक अपनी ज़िन्दगी काफी कष्टमय तरीके से बिता रहे है। जो भी श्रमिक बंधू जिस भी मकान में रह रहे है , मकान मालिक उन्हें अपने यहाँ से ही राशन लेने को मज़बूर करते है। और अगर कोई भी श्रमिक बाहर से राशन लेकर आता है , तो उसके साथ मारपीट की जाती है। मकान मालिकों के यहाँ मिलने वाला राशन भी बाजार भाव से काफी मॅहगा होता है। इस तरह श्रमिक दोनों तरह से लुटे जा रहे है
