जिला पूर्वी सिंहभूम से माया झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताती हैं कि जिसके घर में बेटी है उनके माँ बाप से कहना चाहती हैं की अगर घर में दो बेटी हैं तो बेटा या बेटी होने का इंतज़ार मत कीजियेगा दो बेटी भी बेटा से बढ़ कर है,बेटी को भी उतना ही मान सम्मान मिलेगा जितना की बेटा को मिलता है,बेटी ही अगर नहीं रहेगी तो दुनिया ही ख़त्म हो जाएगी,बेटी ही नहीं रहेगी तो परिवार ही नहीं रहेगा,बेटी को पराया न समझे।

जमशेदपुर :सीमा हेमरोम झारखण्ड मोबाइल वाणी में यह सन्देश दे रही है कि एक काम काजी महिला घर का सारा काम करती है रात 2-3 बजे उठ के और फिर दफ्तर भी जाती है। पति का कपडा धोना बच्चा का कपडा धोना, घर का खाना बनाना फिर काम काजी महिला को यदि दफ्तर में लेट हो जाए या फिर कुछ समस्या हो जाए तो महिला के ऊपर दबाव बनाया जाता है उसके पति या सास यह नहीं सोचते है कि मेरी बहु सुबह से उठ कर काम कर रही है।महिला के ऊपर बहुत अत्याचार हो रहा है। यह बात पुरुषो को भी सोचना चाहिए। हात बता कर काम करना चाहिए उससे शांति से जिंदगी चलेगी तभी तो खुशियाँ मिलेगी परिवार में। महिला के ऊपर दबाव बनाने से महिला टूट जायगी तो उसका घर भी टूट जायगा।पुरुष कृपया इस बात को समझे।

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जिला पूर्वी सिंहभूम से माया झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताती हैं कि बेटिओं को जो दहेज़ देना पड़ता है तो उसमे वो सरकार से गुजारिश कर रही हैं की बहुत लोग गरीब घर से हैं जो अपनी बेटी की शादी के लिए दहेज़ नहीं दे सकते हैं।

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अभिशेक पथ्य,जमशेदपुर से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाह रहे है की उनके सामने बहुत सी महिला है जो कहना चाह रही है की जब पति की मृत्यु हो जाती है तो पत्नी को घर से निकाल दिया जाता है तथा बच्चो को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है और जब पति रहते है तो उसे बहुत अच्छे से रखा जाता है परन्तु पति के नहीं रहने पर उसे घर से निकाल दिया जाता है तथा जिस कारण बच्चो को अच्छा शिक्षा नहीं मिल पता है और पोसिटिव है इसको लेकर घर में भेद भाव हुआ और घिरिर्ना भी किया गया पर जब डॉक्टर से मिले तो वो समझाए फिर अब कुछ कम है.तो अभी हम ठीक है और भेद भाव जो हो रहा है उसे लेकर कुछ उपाय करे।

जिला पुर्विसिंघभुम के जमशेदपुर से विश्वजीत पात्रा साथ महिलाओ ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि जब किसी महिला के पति की मृत्यु हो जाती है तो उसे घर से निकाल दिया जाता है जिसके कारन बच्चो को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पति है महिला के साथ भेद भाव भी किया जाता है।अज के दिनों में भी महिलाओ के प्रति समाज में कोई सुधर नहीं आया है।

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