जिला-गढ़वा,प्रखंड-मेराल से जरुल अंसारी जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि गढ़वा में पहले पशु मेला का आयोजन किया जाता था जिसमे करीब 20 से 25000 परिवार इस मेले से आश्रित थे, और अपना जीवन व्यतीत करते थे लेकिन इसके एका-एक बंद हो जाने से इन परिवारों के आजीविका में काफी मुश्किलें खड़ी हो गई है इस मेले के ना होने से वहाँ के लोगो को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है, इस बेरोजगारी का प्रभाव सभी लोगो में दिखाई दे रहा है,इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उन परिवार वालो को हो रही जिनके बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते है जिनके लिए उनके माता-पिता स्कूल फीस नही दे पा रहे है साथ ही बेरोजगारी के कारण लोग अपना ठीक से ईलाज भी नही करवा पा रहे है। अतः वे सरकार से अनुरोध करते है कि इन परिवारों के लिए सरकार कोई व्यवस्था करे ताकि उनकी बेरोजगारी दूर हो सके।
