सुबोध कुमार चतरा,प्रतापपुर से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आज के सभ्य समाज में महिला हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है फिर भी हमारे समाज में महिलाओ पर दहेज़ के नाम पर और डायन करार देकर दूसरे अनेक कारणो से उनपर अत्याचार और हिंसा किया जा रहा है भारत जैसे देश में जहाँ स्त्री को माँ का दर्जा दिया जाता है शिक्षित समाज में महिला हिंसा होना बड़े चिंता का विषय है इसे हर सम्भव रोका जाना चाहिए।
