दुमका से शैलेन्द्र सिन्हा साथ में सन्थाली कलाकार राजेश कुमार किस्कू झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जितना विकास संथाली कला होना चाहिए उतना नहीं हो पाया है इसका कारण सरकार द्वारा कला कि उपेक्षा कला के विकास मे राशि एक बड़ी बाधा बन कर आती है अत:सरकर को इस समस्या का हल करना चाहिए जिससे कलाकार प्रोत्साहित हो अपने कला को निखारने में, फ़िल्म कि शूटिंग के लिए इतनी सारी जगह है पर पैसो के अभाव में अच्छी फिल्मे नहीं बन पा रही है अत:सरकार को इस और ध्यान देने कि अवश्यकता है
