जिला बोकारो के चंदनकियारी प्रखंड से श्यामपद दास ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है.की बढ़ती बेरोजगारी का मुख्य कारन स्थनिये निति का अपरिभासित होना है. भारत के सविधान के अनुसार अधिकांस देश का एक ही होता है.परन्तु स्थानीयता राज्यो से सम्बंधित मामला है.झारखण्ड में स्थानीयता लागु करना जरुरी है.१९३२ के अनुसार खतियान बनाना चाहिए।क्योकि गरीबो के विकास के लिए इसका निर्माण किया गया है.लेकिन स्थानिये निति लागु नहीं होने से योग्यता होने के बाद भी ग्रामीणो का विकास नहीं हो रहा है.रोजगार के अभाव में ग्रामीण दुसरे रास्ते को चुनते है.और इसी कारन झारखण्ड के लोग बेरोजगारी के डंक को झेल रहे है.चतुर्थ वर्गिये के नौकरी में झारखण्ड में समान सीटो में ७०%बाहर के के लोगो का बहाली हो रहा है.और झारखण्ड के शिक्षित बेरोजगारो के हक़ छिन लिए जा रहे है.अत:राज्य में स्थानीयता को परिभाषित किया जाए.
