झारखण्ड राज्य के दुमका जिला से एलिजाबेथ सोरेन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से हो रही है।इससे निपटने के लिए सामूहिक कार्य करने की आवश्यकता है।जलवायु परिवर्तन का प्रभाव सीधे तौर पर आजीविका,कृषि,जल,स्वास्थ्य और महिलाओं के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।इस कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए केवल सरकार की नही बल्कि समुदाय के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है।ग्राम सभा में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्या,जैसे - सूखा,अनियमित बारिश,जल श्रोतों का सुखना, जंगल कटाव का नियमित चर्चा करना चाहिए।सामुदायिक निर्णय के माध्यम से जल संरक्षण, वृक्ष रोपण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को प्राथमिकता देना है।महिला,किशोर और कमजोर वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए।जलवायु परिवर्तन का प्रभाव महिलाओं पर भी देखने को मिलते हैं।जैसे - पानी लाने में कठिनाई, स्वस्थ , ईंधन संकट,इत्यादि। किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए और एक बार में हार नही मानना चाहिए।बल्कि निरंतर प्रयास करना चाहिए।