झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से टेक नारायणा प्रसाद कुशवाहा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पहले किसान खेती बारी के साथ-साथ खुद पौधे और बीज अपने घरों में बनाने के काम करते थे। परन्तु बदलते मौसम के कारण अब किसान आलू,बैंगन,खीरा, गोभी,कद्दू,इत्यादि का फसल तो लगाते हैं,परन्तु खेतों में बीज उत्पन्न नहीं करते है। बीज के लिए कंपनी पर निर्भर रहते हैं। इससे किसान को काफी आर्थिक क्षति होने की संभावना बनी रही है। बदलते मौसम की दौर में किसानों को अपने घर में अपने तरीके से बीज बनाने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए