रमेश कुमार माईटी बोकारो से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर जानकारी देते हुए कहते है कि पहले जो आरक्षण का नियम बना है उसे हटाकर आरक्षण कि नयी निति आर्थिक आधार पर निर्धारित होनी चाहिए. पर सरकार अपनी वोट कि राजनीती को चलाने के लिये ऐसा किये हुए है. ये बताते है कि जेनरल को किसी भी कम्पीटीसन को पूरा करने के लिये जयादा नंबर लाने पड़ते है स्कूलों में एड्मिसन के लिये भी फॉर्म के लिये जयादा पैसे देने पड़ते है और जयादा नंबर लेन पड़ते है अत: सरकार से ये अनुरोध करते है कि आरक्षण का आधार आर्थिक आधार पर न कि जाती के अनुसार हो. इसे वर्तमान में बदलने कि जरुरत है.
