पश्चिम सिंघ्भुम,जगरनाथपुर से अफताब आलम ने झारखण्ड मोबाइल वाणी को बताया कि झारखण्ड सरकार द्वारा राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है. जिसमे राशन कार्ड उन्ही लोगो को दी जाएगी जिसका 2002 या 2007 बिपिएल सूचि में नाम है. यह 11 साल पुराना सर्वे सूचि से राशन कार्ड बनाया जाएगा।जो पूरी तरह गलत है. 2002 या 2007 का सूचि रद्द कर नया सर्वे की सूचि बनाना चाहिए।सरकार द्वारा आय प्रमाण पत्र का वेल्यु 6 महिना होता है.उसके बाद सरकार द्वारा कोई मान्यता नहीं होती है. तो 11 साल पुराना सूचि को सरकार द्वारा वेल्यु क्यो दी जा रही है.इस विषय पर सुधार की जाए.