एजुकेशन कैंपेन के चौथे भाग में शिक्षक और संपादक विनीता चंद्रयान ने बताया कि आजकल टीचर के भोर्स सिक्षा दी जा रही है. बिन गुणवक्ता के एजुकेशन का कोई मतलब नहीं है. टीचरो को उप तो डेट तक नहीं किया जा रहा है. वर्तमान में गुणवतापूर्ण एजुकेशन की भी कमी है. सर्कार बहाली तक नहीं कर रही है. राज्य में कमी है. खूंटी में तकनिकी विस्वविद्ताला का आजतक आधार्सिहल ही है, वह आज तक तकनिकी यूनिवर्सिटी नहीं बन पाई है. रांची में आजतक आईआईएम और लॉ यूनिवर्सिटी को आज तक पायी है. सर्कार एजुकेशन की स्य्सेम को सुधरने की जरोउरुत है. मअनिश कुमार ने ग्राम्वानी को बताया की स्स्मेमेओरिअल कॉलेज में आज तक ठीक तरीके से एजुकेशन सिस्टम का पालन नहीं हो पाया है. ऐसे में सिक्षा सिस्टम धरासाही हो गयी है. धनबाद से बैजनाथ महतो ने समाज के सरोज मेहता से बातचीत की जो एक समाजसेवी है. सरोज मेहता ने जमव को बताया कि समाज में सिक्षा का हर्ष होने का १ कारन मोउलुओ का हर्ष होना है. सिक्षा जगत को सुधरने के लिए सर्कार को पहल करनी होगॆ.घरवा के सुरेश क्र ने बताया की गोइवेन्द्पुर उच्च विद्याला में तेअचोरो की काफी कम्मी है इस कारन एजुकेशन में अशर पढ़ रहा है, ४००० स्टूडेंट वाला इस विद्यालवा में टीचर केवल tituaion परहने में होती है स्वांग से बघ्वन पद ने कहा की तेअचोरो को आज तक सलेरी की परेशानी होती है. सर्सरकर करे. धनबाद के जनार्धन महतो, वाजले अहमद और दीपक कुमार ने बताया की पुरे राज्य में एजुकेशन की काफी कमी है इस और धयान रखने की जरौरत है…
