रांची,ओरमांझी से रेशमा प्रवीण झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से चुप्पी तोड़ो अभियान पर कहतीं हैं की हमारे चुप रहने की वजह से ही ऐसी घटनाएँ बढ़ती जा रही है इसलिए इसे समाज से ख़त्म करने के लिए हमें मिलकर आवाज उठाना पड़ेगा तभी हम इससे छुटकारा पा सकते हैं।