धनबाद: तोपचांची, धनबाद से फर्केश्वर महतो ने झारखण्ड मोबाइल वाणी पर अन्धविश्वास को लेकर एक अनुभव साझा किया है.जिसमे वे बता रहे हैं कि तोपचांची प्रखंड के चैता पंचायत के खेराबेड़ा गाँव में २२ अप्रैल १९९९ को गाँव की चरकी देवी को उनके रिश्तेदारों के द्वारा ही उन्हें डायन करार दे कर नंगे वदन पुरे गाँव में घुमाया था, और उसके मुंह में रड डालकर मैला पीलाया था.इसके बाद भी १५ दिनों तक हरिहरपुर थाना के द्वारा उनका उनका शिकायत दर्ज नही किया था. बाद में धनबाद जिला और बुनियादी साक्षरता वाहिनी के कार्य कर्ताओं के द्वारा दबाव डालने पर प्राथमिकी दर्ज किया गया.और शिविल कोर्ट में लगभग चार तक मुकदमा चला.और उनके १२ आरोपियों को ३ साल ,४ साल, ५ साल करके सजा सुनाया था. लेकिन वे लोग दबंग और पैसे वाले थे वे उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया.चरकी देवी इस सच्ची कहानी का जिक्र एनसीआरटी पुस्तक में किया गया है.जो गणित विषय के लेखक अनीता राम पल ने स्वयं उनके घर आकर जानकारी लिया.इस कहानी का उल्लेख तीसरी कक्षा के पुस्तक में किया गया. अत: झारखण्ड सरकार से अनुरोध है कि डायन के उन्मूलन विषय पर सहायता और सुविधा उन्हें मिलना चाहिए.