हज़ारीबाग़: राजेश कुमार महतो बिशनगढ़ ,हजारीबाग से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि झारखण्ड एक जंगलो से घिरा प्रदेश है और यहां के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग काफी हद तक जंगलो के उत्पादो पर निर्भर भी करते हैं। यह सीज़न भी सखुवा के फल सराएँ और महुआ का फल कोढ़ी का है जिसे ग्रामीण जंगलों से लेकर कच्चा माल तैयार करके बाजार में बेचते हैं ,जो लोगो के इनकम का जरिया भी होता है। वे कहते हैं ग्रामीण इनकम का जरिया बनाते है यह तो ठीक है लेकिन वे इन सभी कार्यों के लिए सड़क का इस्तेमाल करते हैं। जैसे सराएँ का कच्चा माल तैयार करने के लिए सड़क पर रखते हैं उसी तरह से महुआ के फल का कच्चा माल तैयार करने के लिए भी करते है जिससे सड़क ख़राब होता है और साथ ही सड़क पर जगह काम हो जाता है जिससे सड़क में दुर्घटनाएं की सम्भावना बढ़ती है। अत: वे उन सभी ग्रामीणों से अपील करते हैं जो सड़क पर इस तरह की कार्य करते हैं।