रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड से रेशमा परवीन झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि दिन-ब-दिन पढ़े-लिखे बेरोजगार लोगो की संख्या बढ़ती ही जा रही है। लोग रोजगार के आभाव पढ़े -लिखे होकर भी मजदूरी का काम करते हैं जो की भविष्य में उन पर इसका प्रभाव पड़ सकता है । वे कहती हैं कि रोजगार के आभाव में लोग अपने बच्चो का पालनपोषण और अच्छी शिक्षा नहीं दे