जिला धनबाद से उमेश कुमार पूरी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि महिला हिंसा समाज के एक ऐसा अभिशाप बन गया है जो समाज को धीरे धीरे पीछे धकेलता हुआ चला जा रहा है,आज भारतीय संस्कृति इतनी महान होने के वावजूद भी हमारा समाज पिछड़ा होते जा रहा है इसका सबसे बड़ा कारण है महिला हिंसा,यंहा पुरुसो को ज्यादा महत्त्व दिया जाता है और महिलाओ को पीछे धकेलने का काम किया जाता है,सरकार ने महिलाओ के लिए बहुत से कानून बनाए मगर उन कानूनों का पालन नहीं किया जाता है,जब तक मानशिकता नहीं बदलेगी तब तक लाख कानून बना लिया जाए पर इसका महिलाओ पर कोई उपयोग नहीं होगा हिंसा बढ़ते रहेगी दहेज़ प्रथा बढ़ते रहेगी लोगो को अपनी मंशिकता बदलना होगा तभी यह हिंसा रुक सकती है।
