जिला हजारीबाग से मोदम्मद मुजफ्फर हुसैन मोबाइल वाणी के मध्यम से ये कहना चाहते है कि महिला हिंसा का मूल करना है भारतीय समाज का पुरुष वादी मानसिकता का होना और महिलाओ को अपने वश में रखने का जरिया समझना। इसी बिच भारत में कुछ ऐसे आकड़े है जहा महिला ने कोई भी पद संभाला मगर उसका काम उसके पति करते है। देखा जाए तो एक भी एक महिला हिंसा में ही आता है। जब किसी महिला को इतनी आजादी नही मिल रही है कि वो अपना पद भर संभाले,अपना निर्णय स्वयम ले तो यह एक प्रकार का हिंसा है जो बहोत बड़ा अपराध भी है। यही समस्या सबसे बड़ी है आज इस देश में और यह तब तक नही रुकेगी जब तक महिलाए जागरूक नही होँगी।
