जिला प्रतापपुर से सुबोध कुमार ने झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि आज भारत में महिला आरक्षण तो 50 प्रतिशत कर दिया गया है लेकिन महिलाओ को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है यंहा महिलाओ को पनच्यति राज्य अधिनियम के तहत महिला को चुनाव में अधिकार दिया गया है उसका भी लाभ महिला को पूर्ण रुप से नहीं मिल रहा है। जो महिला मुखिया के रूप में चुन ली गई है या जन प्रतिनिधि के रूप में चुन ली गई है अभी भी वे अपने कार्यालय में काम स्वयम नहीं करते हैं या तो अपने पति के माध्यम से उनका काम होता है या पुत्र के माध्यम से और प्रखंड से लेकर जिला तक के बैठकों में महिला के पति या पुत्र ही भाग लेते हैं। और इस पर विभाग की कोई करवाई नहीं की जाती है।