कोडरमा:इन्द्रमणि साहू झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि सरकारी स्कूलों में बच्चो को पुस्तक न मिलना शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के प्रावधानों का हनन है.1 अप्रैल 2014 से सभी स्कूलों नए सत्र की शुरुआत हो रही है लेकिन बच्चो को पुस्तक वितरण नही कियका गया है. कैंपेन फॉर राईट टू एजुकेशन इन झारखण्ड बच्चों के अधिकारों का हनन करने वाले अधिकारीयों का निंदा करती है यह संस्था बच्चों के अधिकार और शिक्षा का अधिकार कानून २००९ का मोनेटरिंग करने के लिए बने झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से अनुरोध करती है कि इस सम्बन्ध में त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग को नोटिस भेज कर दोषी अधिकारीयों पर कार्यवाही करे.क्रेज झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण,राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं मुख्य सचिव मानव संसाधन विभाग झारखण्ड को त्वरित संज्ञान के लिए ज्ञापन दिया है.