धनबाद,महुदा से सुनील सोरेन झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से धनबाद जिले के लोगो से आग्रह करते हुए कह रहे हैं कि संथाली भाषा और इअस्के लिपि का प्रचार प्रसार की जाय ताकि सभी लोग भाषा का महत्व जान सके, बिशेष कर इस भाषा के लिपि के बारे में लोगो का ध्यान आकृष्ट की जाय क्युंकी बहुत लोग इस भषा से अनजान हैं। बताते हैं कि संथाली भाषा ही झारखण्ड के एकमात्र छेत्रिय भाषा व संवैधानिक मान्यता प्राप्त है।