धनबाद से शिवपूजन हजारे झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि महिला आरक्षण पर क्या कहते हैं ग्रामीण। बाघमारा के एक वार्ड सदस्य जमीला देवी बतातीं है कि महिला आरक्षण हमें मालूम ही नहीं है, महिलाओ के लिए 50% आरक्षण है ये हमारे पति कभी बताये ही नहीं हैं सिर्फ ये कहा कि हमारे न रहने पर दस्तखत नहीं करना। जब jmv के द्वारा ये जानकारी मिला तो महुदा के रोजगार सेवक निमय महतो कहते हैं कि जो महिला हिंसा या आरक्षण की बात मोबाइल वाणी से सुन रहा हूँ इसका कारण है शिक्षा,जारुकता की कमी। झारखण्ड सरकार द्वारा जो महिला हिन्सा पर जो क़ानून बना है उसे सामने लेन की आवश्यकता है। बाघमारा के अल्पसंख्यक सुप्रीत अंसारी कहते हैं कि आज भी गाँव के लोग घर की महिलाओ को बाहर नहीं जाने देते हैं। ये समस्या तभी सुलझाई जा सकती है जब महिला पर आत्मनिर्भरता,शिक्षा आर्थिक व शारीरिक होगा।