जिला पुर्विसिह्भुम पोटका से अजय कुमार झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मंरेगा में कहा जाता है की लोगो की सौ दिन का काम मिलेगा पर ये कतई नहीं होता है ये मंरेगा में काम करने के लिए विचौलिया बहुत तत्पर रहता है विचौलिया के पास में उनका जो जॉब कार्ड है वो रहता है और काम हो या न हो वो सिग्नेचर कर के कुछ पैसा निकालते हैं और कार्डधारी को पता ही नहीं चलता है। ऐसा ही एक घाटशिला प्रखंड के मंरेगा के तहत अधिकांश काम में लगे मजदूरो को मजदूरी नहीं दी गई है। मजदूरी से वंचित मजदूरो ने विरोध जताया है मजदुर कहते हैं जब से नए वि डी यो आए हैं तब से तकनिकी कारणो से मजदूरी भुगतान नहीं हो रहा है हम काम करते हैं मजदूरी के लिए पर नहीं मिलता है तो क्या खायेंगे और क्या पियेंगे।हेन्डोल जोड़ी पंचायत के कला जोर गाँव में करिया डुमरी से कलूँदी दो लाख अड़तालीस हजार की लागत से सड़क बन रही है इस कार्य में लगे मजदूरो को 25 फरवरी से मजदूरी भुगतान नहीं किया गया है करीब 138 मजदूरो को मजदूरी नहीं मिला इसलिए मजदूरो ने विरोध किया।मजदूरो का कहना है की मंरेगा जल्द से जल्द उनका मजदूरी दे दे।
