सुकुमार सिंह पुरबी सिहभूम से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की आज लोग 21वी शताब्दी में पहुच गए चाँद तारोँ पर जाने की बाते करते है पर अभी तक हमारा समाज पिछड़ा हुआ ही है आज भी यहाँ लोग अंध विश्वास में जीते है जिसका एक जीता जगता उदाहरण है की अभी भी लोग डायन करार दे कर महिलाओ को मर डालते है इन्होने बताया गांव में ऐसी ही एक बात सामने आई है जिसमे चांदनी हेमराम को दायाँ समझ कर मार डाला गया, लोग शिक्षित होते हुए भी इस तरह की अमानवीय वारदात को अंजाम देते है
