झारखण्ड राज्य से टेकनारायण मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कम उम्र में लड़कियों की विवाह होने से समाज में बुरी असर पड़ती हैं बाल विवाह करना और करना दोनों क़ानूनी अपराध हैं वैसे तो सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाया है पर अभी भी बहुत से जगह ऐसा है जहा बाल विवाह करा दिए जाते है बेटियों की कच्ची उम्र में शादी करा देने से बहुत से परेशानी हो सकती है। सभी माता पिता को ये हमेशा ध्यान होना चाहिए की वो अपने लड़कियों की शादी सही उम्र यानी अठाहरा वर्ष के बाद ही करे। साथ ही टेकनारायण ने कहा की लड़कियों को पहले पढ़ाई लिखाई क्र के अपने सपने साकार करने चाहिए तथा जब उनको लगे की अब वो परिवार संभाल सकती है तभी शादी करनी चाहिए इससे उनका भविष्य बहुत खुशाल रहेगा।