झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला से तफज्जुल आज़ाद मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि मिटू मैं भी मेरे साथ भी। पूर्व में महिलाओं के साथ हुवे यौन उत्पीड़न दुष्कर्म आदि के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर आम जनता से लेकर खास तबके के महिलाओं ने भाग लेकर खुद के साथ हुवे उत्पीड़न कि आपबीती सोशल मिडिया के जरिये समाज के समक्ष ला रहीं हैं। आज जरुरत है इसे गंभीरता के साथ लिए जाना का। तथा इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर लाने के लिए जिन-जिन महिलाओं के साथ कोई घटना घटी हो उन महिलाओं को भी सामने आने की आवश्यक्ता है। ताकि अन्य महिलाओं को यह अहसास हो की मिटू आंदोलन में कोई महिला अकेली नहीं है। तभी जा कर इस आंदोलन का मिशन सफल माना जाएगा।