छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव से वीरेंद्र गन्धर्व मोबाइल वाणी के माध्यम से किसानों पर आधारित एक गीत प्रस्तुत कर रहें हैं। इस गीत के माध्यम से कहते हैं की खेती वीरान है दुःख में किसान है। अन्न देने वाले की खतरे में आन है। खेती वीरान है दुःख में किसान है।