झारखण्ड राज्य के रांची ज़िला से अखिलेश कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से सभी श्रोताओं एवं दिव्यांग भाई-बहनों को संदेश दे रहे हैं कि उन्हें कभी भी अपना मनोबल नहीं गिरने देना चाहिए, चाहे कोई भी बाधा या परेशानी जीवन के सामने क्यों न आए ।वे खुद एक दृष्टिबाधित हो कर भी बाकि दिव्यांग भाइयों तक यह संदेश पहुँचा रहे हैं कि दिव्यांग शारीरिक तौर से कमजोर हो सकते हैं पर मानसिक तौर पे नहीं।उन्हें कभी भी खुद को निशक्त नहीं समझना चाहिए ना ही अपनी विकलांगता को अपनी कमज़ोरी समझना चाहिए। वे मानते हैं कि दिव्यांग व्यक्तियाँ भी वो सारे काम कर सकते हैं जो बाकि सामान्य लोग करते हैं।उन्हें बस संघर्ष कुछ ज़्यादा करना होता हैं।सफलता की मंज़िल तक वहीं पहुँच सकते हैं जो हर एक बाधा आने पर भी कड़ी संघर्ष ज़ारी रखते हैं।अखिलेश जी अपनी उदाहरण देते हुए बता रहे हैं कि उन्होंने भी अपने जीवन में कई संघर्ष किए हैं। कई मुश्किलों का सामना उन्हें भी करना पड़ा हैं।परन्तु उन्होंने अपनी कमज़ोरी को कभी रुकावट बनने नहीं दिया,सारी समस्याओं का सामना डट कर किया और कड़ी महनत करते हुए आज अखिलेश जी हमारी वाणी में कार्यरत हैं।
