झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से मदन लाल चौहान जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की व्रजपात एक ऐसी आपदा है जिसे रोक पाना संभव नहीं हैं। नयी पीढ़ी में नई उपकरणों के आने से मनोरंजन का साधन मिल तो गया पर इसके आते ही व्रजपात की घटनाएं भी बढ़ गई। उनके अनुसार आज से पंद्रह साल पहले व्रजपात केवल बरसात के मौसम में ही देखने को मिलती थी क्यूंकि उस समय मनोरंजन के साधन उपलब्ध नहीं थे और आज के समय में किसी भी मौसम में व्रजपात की घटनाएं हो जाती हैं।आज के चलन के अनुसार मोबाइल,लैपटॉप इत्यादि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इतने प्रभावी हैं कि बारिश व गर्जन के दौरान भी इसे इस्तेमाल किया जाता है और यही व्रजपात की घटनाओं को आमंत्रित भी करती हैं।सरकार व्रजपात होने पर दो लाख रुपय देने तक वादा करती हैं।
